ग्राम झींगटपुर मे गरिमा मंच की मिलेट मुहिम से जुड़ रहे है किसान गांव गांव जाकर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित की

संजय बंजारे कोटा
ग्राम झींगटपुर मे गरिमा मंच की मिलेट मुहिम से जुड़ रहे है किसान गांव गांव जाकर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित की

कोटा ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में किसान के लिए कोदो, कुटकी, सांवा, कंगनी, रागी, की खेती करना अब समय की जरुरत है। बदलते हुए खानपान के दुष्प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पोषण विविधता की कमी के रुप में देखने को आ रहे है। जिसमें मुख्य रुप से उच्च रक्तचाप, शुगर, कैंसर, कुपोषण इत्यादि रोगों में बढोतरी देखी जा रही है। गरिमा (ग्रामीण आत्मनिर्भर रोजगारी मंच) का प्रयास खेत से पेट तक रसायन रहित (अनाज) उत्पाद स्वयं के खाने एवं उपभोगता को उपलब्ध कराने की श्रृंखला में गांव गांव जाकर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित कर साथ ही साथ प्रशिक्षण भी दे रहे है। जिसमें ग्रामीण को कोदो, कुटकी, सावां , रागी, कंगनी के बीज उपलब्ध करा रहे हैं। यह आनाज जलवायु परिवर्तन जैसे मौसम के उतार चढ़ाव में भी अनाज पैदा होने की क्षमता रखते है। यह खाद्य अनाज पिछले 5 से 6 दसकों से धीरे—धीरे हमारे खेत व भोजन की थाली से गायब हो गये है जिसे पुन: हमारे भोजन में शामिल करने की मुहिम जोर—शोर से चला रहे है। सरकार भी अब इन अनाजों की खेती के लिए मिलेट मिशन कार्यक्रम के माध्यम से प्रोत्साहन का कार्य कर रही है। गरिमा मंच न केवल इन अनाजों की खेती करने को जगरुकता प्रशिक्षण दे रहा है बल्कि इनकी प्रोसेसिंग एवं खाने के विभिन्न तरीकों पर भी काम कर रहा है। मिलेट मशीन ग्रामीण क्षेत्र में एसोशियशन फॉर इंडियन डेव्हलपमेंट नामक संस्था की मदद से गरिमा मंच ने स्थापित की है , जिसका संचालन ग्रामीण किसान महिला कर रहें। इस मुहिम में तकनीकी सहयोग डॉ गजनन फुटके , मीनल मदनकर, अनिल बामने, होमप्रकाश, क्रांति, प्रकाशमणि,धर्मेंद्र, शैलेन्द्र ,नरेश सीताराम कर रहे हैं।