मरीन ड्राइव की पार्किंग समस्या का अभिनव समाधान सुझाने पर परम शौर्य को मिला प्रथम स्थान मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री के हाथों सम्मानित होकर बढ़ाया परिवार और छत्तीसगढ़ का मान

मरीन ड्राइव की पार्किंग समस्या का अभिनव समाधान सुझाने पर परम शौर्य को मिला प्रथम स्थान
मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री के हाथों सम्मानित होकर बढ़ाया परिवार और छत्तीसगढ़ का मान

रायपुर। राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव में पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए अभिनव विचार प्रस्तुत करने वाले एनआईटी रायपुर के छात्र परम शौर्य ने प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें खचाखच भरे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एवं प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा के हाथों सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि से परिवार सहित क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
पार्किंग समस्या के समाधान के लिए प्रस्तुत किया अभिनव विचार
शहरों में बढ़ते वाहनों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की आवाजाही के कारण पार्किंग की समस्या लगातार चुनौती बनती जा रही है। रायपुर के लोकप्रिय मरीन ड्राइव में भी व्यवस्थित पार्किंग की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए परम शौर्य ने इस समस्या के समाधान के लिए एक अभिनव विचार तैयार कर छत्तीसगढ़ सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया।
उनके इस विचार को प्रतियोगिता में सराहना मिली और उन्होंने प्रथम स्थान हासिल किया। उनकी उपलब्धि यह दर्शाती है कि युवा अपनी रचनात्मक सोच, तकनीकी ज्ञान और नवाचार के माध्यम से जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री के हाथों हुए सम्मानित
परम शौर्य को प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के हाथों सम्मान प्राप्त हुआ। सार्वजनिक मंच पर मिली इस पहचान ने उनकी उपलब्धि को विशेष बना दिया। यह सफलता उनकी मेहनत, लगन और नई सोच के प्रति रुचि को दर्शाती है।
पिता जिला परियोजना अधिकारी, माता व्याख्याता
परम शौर्य के पिता श्री जितेंद्र पाटले जिला परियोजना अधिकारी हैं, जबकि उनकी माता श्रीमती सत्य लक्ष्मी पाटले व्याख्याता हैं। परम शौर्य की इस उपलब्धि से उनके परिवार में गर्व और प्रसन्नता का माहौल है। परिवार ने उनकी सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
परिवार को उम्मीद है कि परम शौर्य इसी तरह अपनी प्रतिभा और रचनात्मक सोच के बल पर आगे बढ़ते रहेंगे तथा समाज और जनहित से जुड़े कार्यों में अपना योगदान देंगे।
युवाओं के लिए प्रेरणा
परम शौर्य की यह उपलब्धि अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है। यह संदेश देती है कि अपने आसपास की समस्याओं को समझकर उनके व्यावहारिक समाधान तलाशने की पहल युवाओं को नई पहचान दिला सकती है। उनकी सफलता से परिवार का गौरव बढ़ा है और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी जा रही हैं।