
संचलाक के आदेश को दरकिनार कर कोटा बीएमओ निखलेश गुप्ता ने दो कर्मचारियों को किया अटैच
अटैचमेंट गलत हेल्थ विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. प्रमोद महाजन का कहना है कि बीएमओ अटैच नहीं कर सकते है। ये गलत है क्योकि डायरेक्टर का आदेश है कि किसी भी कर्मचारी को अटैच नहीं किया जाना है
शासन ने सभी विभाग को पत्र लिखकर साफ निर्देश दे दिया है कि कोई भी कर्मचारी को अटैच नहीं किया जाएगा बल्कि जो अटैच है उन्हे भी तत्काल रिलीव करने का आदेश दिया है इसके बावजूद कोटा बीएमओ डॉ. निखलेश गुप्ता ने हेल्थ संचालक के आदेश को दरकिनार करते हुए दो कर्मचारियों को अटैच कर दिया है। जिसमें रतनपुर के सेक्टर प्रभरी गुलाब सिंह मसीह को कोटा में काम करने के लिए अटैच कर दिया है। वहीं कोटा के सेक्टर प्रभारी ईश्वर प्रसाद कश्यप को रतनपुर में काम करने के लिए अटैच किया गया है। जबकि इन कर्मचारियों की लंबी शिकायत मिली थी जिसके बाद जांच कमेटी गठित कर जांच कराया गया तो कर्मचारियों ने बयान दिया था कि ये कर्मचारी अपने काम में कभी आते ही नहीं है। ऐसे में इनके खिलाफ कार्रवाई न करते हुए इन्हें इनके गृहग्राम के समीप अटैच कर दिया गया है। जिससे संचालक के द्बारा हाल ही में जारी किए गए अटैचमेंट समाप्त के आदेश की अव्हेलना की जा रही है। अटैचमेंट गलत
हेल्थ विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. प्रमोद महाजन का कहना है कि बीएमओ अटैच नहीं कर सकते है। ये गलत है क्योकि डायरेक्टर का आदेश है कि किसी भी कर्मचारी को अटैच नहीं किआ जाना है यदि इस तरह से किसी को अटैच किया गया होगा तो इसकी जांच कराकर अटैचमेंट समाप्त कराने का निर्देश दिया जाएगा।
शासन स्तर पर बंद है अटैच
मौजूदा स्थिति में शासन स्तर पर सभी विभाग में अटैच बंद है। सरकार ने साफ किया है कि सभी अपने मूल स्थान पर कार्य करते रहेंगे, इसके बाद भी आदेश की अवलेहना करते हुए स्वास्थ्य विभाग में लगातार अटैच का खेल खेला जा रहा है। जिस ओर जिम्मेदार अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे है। इसी वजह स्वास्थ्य विभाग के अधीन दफ्तरों व अस्पताल में लगातार अटैच के लिए अर्जी मिल रहे है।