
बिलासपुर।कोरोनाकाल में बच्चों की गुणवत्ता का स्तर खराब होने के कारण बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता को उचित स्तर पर ले जाने के लिए शिक्षकों द्वारा एक नई पहल की शुरुआत की गई है। जिसमें घर पर रहकर माताएं घरेलू सामग्रियों के माध्यम से अपने बच्चों को शिक्षा से जोड़कर कैसे रखें जिससे माताओं के द्वारा अपने बच्चों की पढाई के प्रति उनके स्तर को समझने और उनकी शिक्षा में मदद मिल सके। इसी को लेकर आज सोमवार को ग्राम पंचायत चपोरा के शासकीय प्राथमिक शाला चपोरा एवं बांसाझाल के संयुक्त तत्वाधान में अंगना म शिक्षा 2.0 कार्यक्रम, कार्यशाला रखा गया जिसमें प्रत्येक काउंटर में विभिन्न प्रकार की शिक्षा सामग्री के माध्यम से बच्चों और माताओं को मेला के जरिये रूबरू करवाया गया इसी के तहत आयोजन किया गया है। माता, बालक, शिक्षक ‘बच्चों का सपोर्ट कार्ड में काउंटर नं. 1 से 9 की गतिविधियों की मार्किंग करके उनका आकलन करके प्रपत्र भरे जाएंगे व जिन गतिविधियों को बच्चा नहीं कर पाएगा।

उन्हें माताओं के द्वारा घर पर रहकर घरेलू सामग्रियों से उनको पूर्ण करने की जिम्मेदारी दी गई हैं इसी प्रकार माता उन्मुखीकरण का कार्य किया जा रहा है। जिन माताओं द्वारा अपने बच्चों को घर में प्रेरित किया गया उनमें से दो माताओं को किरण मानिकपुरी, उर्वशी तिवारी को स्मार्ट माता का चयन कर उनका सम्मान किया गया। साथ ही प्रत्येक माताओं को प्रेरित करते हुए स्मार्ट माता की मदद से अपने आसपास के माताओं को प्रेरित करने का भी कार्य सौपा गया हैं।

शाला प्रभारी बनवाली लास्कर ने बताया कि कोरोनाकाल में प्राथमिक शाला के बच्चों की पढाई पर बहुत ज्यादा बुरा प्रभाव पडा है और इसी तारतम्य में आने वाले समय में शैक्षणिक गुणवत्ता स्तर को उच्च स्तर पर ले जाने का कार्य माताओं से मदद ली जाएगी। यह पहल बहुत ही सराहनीय साबित होगा। अंगना म शिक्षा 2.0 कार्यक्रम में 5 वर्ष से 8 वर्ष की आयु समूह के बच्चों की माताओं को विशेष रूप से मेला में शामिल किया गया है एवं उन्हें प्रेरित करने का भी कार्य किया गया है।
कार्यक्रम में संकुल समन्वयक ए. एल. आर्मो, बांसाझाल शाला प्रभारी बनवाली लास्कर, चपोरा शाला प्रभारी श्रीमती नीलम भारद्वाज, बी.आर. जी, श्रीमती शारदा राजपूत, श्रीमती मनीषा भगत, शिक्षक महेंद्र सिंह धुर्वे, अमित श्यामले, सुरेंद्र कोसले, विकास मानिकपुरी एवं पालकगण उपस्थित रहे।