बिलासपुर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, 1.73 लाख से अधिक ई-चालान जारी; बकायादारों का लाइसेंस हो सकता है निलंबित

बिलासपुर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, 1.73 लाख से अधिक ई-चालान जारी; बकायादारों का लाइसेंस हो सकता है निलंबित
संजय बंजारे (कोटा )
बिलासपुर। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ बिलासपुर यातायात पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। जनवरी 2026 से अब तक ITMS (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) और ई-चालान प्रणाली के माध्यम से 1,73,400 से अधिक ई-चालान जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद जिन वाहन चालकों ने चालान की राशि जमा नहीं की है, उनके खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई तेज की जा रही है। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लंबित चालानों का समय पर भुगतान नहीं करने पर प्रकरण न्यायालय भेजे जा रहे हैं। वहीं, बार-बार नियमों का उल्लंघन करने और न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी करने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन या निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। eChallan से जमा कर सकेंगे ऐसे में वाहन चालक यातायात नियमों के उल्लंघन पर जारी चालान की राशि eChallan पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
यदि पोर्टल या सर्वर में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है, तो वाहन चालक ITMS के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) भवन पहुंचकर यातायात अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं। यहां ऑनलाइन माध्यम से चालान शुल्क जमा करने में सहायता प्राप्त की जा सकती है।
24 घंटे में मोबाइल पर सूचना, सात दिन के भीतर भेजी जाती है हार्ड कॉपी
यातायात पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, वाहन चालक द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन किए जाने पर सामान्यतः 24 घंटे के भीतर उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ई-चालान संबंधी सूचना भेजी जाती है। इसमें उल्लंघन की जानकारी, मोटर व्हीकल एक्ट की संबंधित धाराओं और चालान शुल्क का विवरण दिया जाता है।
इसके अलावा, सात दिनों के भीतर पंजीकृत डाक के माध्यम से वाहन मालिक के पते पर चालान की हार्ड कॉपी भेजने की व्यवस्था बताई गई है। पुलिस के अनुसार, वाहन चालकों को समय-समय पर रिमाइंडर और नोटिस भी भेजे जाते हैं, ताकि वे निर्धारित समय सीमा में चालान का भुगतान कर सकें।
चालान जमा नहीं करने पर न्यायालय में चलेगा मामला
निर्धारित समय सीमा में चालान शुल्क जमा नहीं करने पर संबंधित प्रकरण न्यायालय भेजे जा रहे हैं। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, न्यायालय में ई-कोर्ट के माध्यम से प्रारंभिक सुनवाई की प्रक्रिया के बाद नियमित न्यायालयीन कार्रवाई आगे बढ़ सकती है।
नोटिस और न्यायालय के निर्देशों की लगातार अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन या निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, गंभीर धाराओं वाले मामलों में बार-बार नोटिस के बावजूद न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर संबंधित वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश भी दिए जा सकते हैं।
1.73 लाख से अधिक चालान, बकायादारों पर कार्रवाई
यातायात पुलिस के मुताबिक, जनवरी 2026 से 25 अक्टूबर 2026 तक ITMS और ई-चालान प्रणाली के माध्यम से 1,73,400 से अधिक चालान जारी किए गए हैं। इनमें से अधिकांश वाहन चालकों ने चालान शुल्क ऑनलाइन जमा कर दिया है, लेकिन कुछ वाहन चालकों की राशि अब भी लंबित है।
ऐसे मामलों में संबंधित वाहन चालकों को बार-बार सूचना और नोटिस भेजे जाने के बावजूद भुगतान नहीं होने पर प्रकरण आरटीओ को भेजकर लाइसेंस निलंबन और निरस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
एसएसपी के निर्देश पर सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के दिशा-निर्देशों के तहत बिलासपुर यातायात पुलिस शहर में सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। पुलिस का कहना है कि ITMS और ई-चालान प्रणाली का उद्देश्य यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना, सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना है।
वाहन चालकों से अपील: लंबित चालान का जल्द करें भुगतान
यातायात पुलिस बिलासपुर ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के लंबित ई-चालानों की स्थिति की जांच करें और निर्धारित समय सीमा में शुल्क जमा करें। इससे अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया और अतिरिक्त परेशानी से बचा जा सकता है।
पुलिस ने नागरिकों से हेलमेट, सीट बेल्ट सहित लागू सुरक्षा नियमों का पालन करने और सड़क पर जिम्मेदारी से वाहन चलाने की अपील की है। साथ ही महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों और बीमार व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने का आग्रह किया है।
यातायात पुलिस का संदेश स्पष्ट है—नियमों का पालन करें, लंबित चालानों का समय पर भुगतान करें और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने में सहयोग दें।