हत्या कर साक्ष्य छुपाने वाले आरोपी को पुलिस ने चंद घण्टों में किया गिरप्तार।

हत्या कर साक्ष्य छुपाने वाले आरोपी को पुलिस ने चंद घण्टों में किया गिरप्तार।
नाम आरोपी

1 उमेन्द सिंह पटेल पिता स्व.मलेश राम उम्र 52 वर्ष साकिन रतखण्डी चौकी बेलगहना जिला बिलासपुर छ.ग.
2- शिवशंकर पटेल पिता उमेद्र सिंह पटेल उम्र 18 वर्ष 03 माह साकिन रतखण्डी चौकी बेलगहना जिला बिलासपुर छ.ग.
3- विधि से संघर्षरत बालक
विवरणः- दिनांक 20.05.2026 को उमेन्द सिंह पटेल निवासी ग्राम रतखण्डी का चौकी बेलगहना में आकर सूचना दर्ज कराया कि दिनांक 19.05.2026 से 20.05.2026 की दरम्यानी रात इसका पुत्र गौरीशंकर पटेल पिता उमेन्द सिंह पटेल उम्र 23 वर्ष निवासी रतखण्डी की जहर सेवन से मृत्यु हो गयी है और आत्महत्या करने में उपयोग की गई जहर की शीशी वहीं पड़ी हुई है। प्रार्थी की उक्त सूचना पर बेलगहना पुलिस के द्वारा धारा 194 बीएनएसएस अन्तर्गत मर्ग कायम कर जांच कार्यवाही में ली गई जांच पंचनामा के दौरान पुलिस को मृतक की मृत्यु और परिस्थितियों को देखकर मामले में अपराध के घटित होने का संदेह पैदा हुआ, जिस पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों श्रीमान उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय श्री रजनेश सिंह को अवगत कराकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी कोटा श्रीमती नुपुर उपाध्याय से दिशानिर्देश एवं मार्गदर्शन से प्राप्त कर बेलगहना पुलिस के द्वारा फॉरेन्सिक टीम को घटना स्थल पर बुलाकर घटना स्थल एवं शव का बरीकी से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मृतक गौरीशंकर के बदन पर साधारण चोटों के निशान तथा अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य मिले घटना पर से ही जहर का खाली डब्बा भी बरामद हुआ उक्त संदिग्ध परिस्थितियों के आधार पर बेलगहना पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाते हुये मृतक गौरीशंकर पटेल के शव का पीएम कराया गया मृतक गौरीशंकर की हत्या का साक्ष्य मिलने पर बेलगहना पुलिस के द्वारा अज्ञात आरोपी के विरूद्ध धारा 103 (1) बीएनएस अन्तर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लेकर अज्ञात आरोपी की तलाश में जुट गई विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक गौरीशंकर शराबी एवं झगड़ालू किस्म का था जो अपने घर वालों से अक्सर विवाद झगड़ा करता था। कुछ दिन पूर्व भी उसने घगड़ा किया था तो उसके खिलाफ पुलिस ने 151 की कार्यवाही कर जेल भेजा था ।घटना दिनांक की रात भी मृतक आत्याधिक शराब के नशे में था, परिस्थितियों को देखते हुये पुलिस को मृतक के परिजनों पर संदेह होने लगा तब पुलिस ने मृतक गौरीशंकर के परिजनों से पूछताछ की जिन्होंने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।, घटना दिनांक की रात अत्याधिक शराब के नशे में मारपीट पर उतारू था तब आरोपी पिता उमेन्द सिंह पटेल, मृतक का भाई शिवशंकर पटेल एवं एक अपचारी बालक के द्वारा मृतक को मारपीट कर गिरा दिया गया, और रस्सी से उसके हाथ पैर को बांध कर उसके मुंह को उसके मृत्यु होते तक दबा कर रखना बताया। आरोपीगण एवं अपचारी बालक ने एक राय होकर हत्या करने उपरान्त उक्त हत्या की घटना को आत्महत्या का स्वरूप देने के उद्देश्य से घर से कीटनाशक की शीशी लाकर मृतक के मुंह में डाल दिये और आसपास भी फैला दिये जिससे ऐसा प्रतीत हो कि मृतक के द्वारा आत्महत्या किया गया हो दूसरे दिन सुबह आरोपी उमेन्द सिंह पटेल गांव के लोगों को अपने बेटे की आत्महत्या की सूचना देकर पुलिस को भ्रमित करने की उद्देश्य से चौकी बेलगहना में झूठा रिपोर्ट लिखा दिया। उक्त मामले में बेलगहना पुलिस ने तत्परता पूर्वक कार्यवाही करते हुये एफआईआर के चन्द घण्टों में ही आरोपियों को गिरप्तार कर लिया है प्रकरण में एक राय होकर अपराध घटित करने एवं साक्ष्य छुपाने के प्रयास का भी अपराध घटित होना पाये जाने से प्रकरण में धारा 238,3 (5) बीएनएस जोड़ी जाकर गिरप्तार आरोपी उमेन्द सिह पटेल, शिवशंकर पटेल एवं अपचारी बालक को न्यायिक अभिरक्षा में पेश किया गया है। उक्त संपूर्ण कार्यवाही में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक हेमंत सिंह, सउनि मोतीलाल सुर्यवंशी, आरक्षक धर्मेन्द्र कश्यप, धीरज जायसवाल, ईश्वर नेताम, अंकित जायसवाल का विशेष योगदान रहा है।