बेलगहना वन परिक्षेत्र में चीतल (हिरण) शिकार से जुड़े मामले में आरोपियों को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई है।

बेलगहना वन परिक्षेत्र में चीतल शिकार मामले के आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत
बेलगहना वन परिक्षेत्र में चीतल (हिरण) शिकार से जुड़े मामले में आरोपियों को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई है।

बताया जा रहा है कि मार्च महीने में वन विभाग की टीम ने जोहार इको रिज़ॉर्ट, कूरदर (बेलगहना) में दबिश दी थी। इस दौरान रिज़ॉर्ट के किचन में राजकुमार टोप्पो सहित पाँच अन्य लोग कथित रूप से चीतल का मांस पकाते हुए पाए गए थे। वन विभाग ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता डॉ. अर्पित लाल ने अदालत में तर्क रखा कि आरोपियों द्वारा न तो चीतल का शिकार किया गया और न ही यह साबित हुआ है कि पकाया जा रहा मांस चीतल का ही था। उन्होंने यह भी बताया कि चीतल की मृत्यु जंगल में लगी फेंसिंग में फंसने के कारण हुई थी, और मांस की जांच रिपोर्ट अभी लंबित है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माननीय चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने प्रथम सुनवाई में ही सभी आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।