बेलगहना चौकी में जप्त डीजे का सुपुर्दनामा देने से कोर्ट का इनकार

बेलगहना चौकी में जप्त डीजे का सुपुर्दनामा देने से कोर्ट का इनकार

बिलासपुर कोटा। कोर्ट ने तेज आवाज में डीजे बजाने के मामले में जब्त किए गए डीजे उपकरणों को वापस (सुपुर्दनामा) देने से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि यदि एक व्यक्ति का सुख दूसरे के लिए कष्ट बन जाए, तो न्याय का तराजू उसे स्वीकार नहीं करता।
मामला 17 मार्च की रात का है, जब बेलगहना चौकी हेमंत सिंह ठाकुर को सूचना मिली कि केंवना पारा में एक शादी समारोह में तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा है। इससे आसपास के लोगों, खासकर बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को काफी परेशानी हो रही थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डीजे के उपकरण जब्त कर लिए।
जब्त सामान में स्पीकर, एम्पलीफायर, जनरेटर, सर्च लाइट, पार लाइट, स्विच बोर्ड, तार और मोबाइल शामिल थे। पुलिस ने कोलाहल अधिनियम 1985 की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया।
डीजे संचालक श्याम यादव (45 वर्ष) ने जब्त उपकरणों को वापस लेने के लिए सुपुर्दनामा आवेदन किया, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। सत्र न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरैशी ने अपने आदेश में कहा कि तेज आवाज से समाज में अशांति फैलती है और यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे उपकरणों को वापस देना अनुचित होगा, क्योंकि इससे नियमों का उल्लंघन करने वालों को बढ़ावा मिलेगा। कानून का उद्देश्य समाज में शांति बनाए रखना और लोगों को अनावश्यक शोर से बचाना है।