फास्ट फूड को टक्कर देंगे मिलेट स्नैक्स! बिलासपुर में गरिमा की अनूठी पहल, स्कूली बच्चों को मिलेंगे पौष्टिक स्थानीय उत्पाद

फास्ट फूड को टक्कर देंगे मिलेट स्नैक्स! बिलासपुर में गरिमा की अनूठी पहल, स्कूली बच्चों को मिलेंगे पौष्टिक स्थानीय उत्पाद
बिलासपुर। बच्चों में बढ़ते फास्ट फूड के चलन के बीच ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और स्कूली बच्चों तक पौष्टिक खाद्य विकल्प पहुंचाने के उद्देश्य से ‘गरिमा – ग्रामीण आत्मनिर्भर रोजगारी मंच’ ने नई पहल शुरू की है। जन स्वास्थ्य सहयोग, गनियारी के सहयोग से संचालित इस पहल की शुरुआत कोटा विकासखंड के शिवतराई हाई स्कूल से की गई है।
इस पहल के तहत बच्चों को रागी, कोदो और कुटकी जैसे पौष्टिक मिलेट से बने नमकीन के साथ महुआ चॉकलेट, महुआ लड्डू और चिक्की जैसे स्थानीय उत्पाद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इन उत्पादों को आदिवासी एवं ग्रामीण महिलाएं तैयार कर रही हैं, जिससे बच्चों को स्थानीय खाद्य पदार्थों से परिचित कराने के साथ महिलाओं की आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
बच्चों में मोटापा, मधुमेह और अस्वस्थ खानपान से जुड़ी बढ़ती चिंताओं के बीच यह पहल बेहतर खाद्य विकल्पों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अत्यधिक चीनी, नमक और कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों के नियमित सेवन से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए बच्चों में संतुलित खानपान के प्रति जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।
गरिमा का उद्देश्य केवल स्नैक्स उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि स्थानीय खाद्य संसाधनों का मूल्यवर्धन, ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर और बच्चों में बेहतर खानपान की आदतों को प्रोत्साहित करना भी है। इसके लिए उत्पादों की गुणवत्ता, खाद्य सुरक्षा और उपयुक्त पैकेजिंग पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
स्थानीय मिलेट और वन उत्पादों को बढ़ावा देकर गरिमा ने पोषण, महिला स्वावलंबन और ग्रामीण रोजगार को एक साथ जोड़ने की पहल की है।