कर्णभूमि प्रोड्यूसर कंपनी, बिहार के महाप्रबंधक सिद्धार्थ मुथू गरिमा मिलेट बिस्कुट इकाई देखने पहुंचे सेमरिया।

कर्णभूमि प्रोड्यूसर कंपनी, बिहार के महाप्रबंधक सिद्धार्थ मुथू गरिमा मिलेट बिस्कुट इकाई देखने पहुंचे सेमरिया।

ग्रामीण आत्मनिर्भर रोजगारी मंच का” खेत से पेट” तक जागरूकता अभियान एवं ग्रामीण किसानों के साथ किये जा रहे अभिनव प्रयोग के बारे में जानकार कर्णभूमि प्रोड्यूसर कंपनी, बिहार के महाप्रबंधक श्री सिद्धार्थ मुथू ने सेमरिया पहुंच कर बहुत प्रसंशा करते हुऐ कहा कि गरिमा मंच गांव को सशक्त बनाने, गांव आधारित उत्पादों का प्रसंस्करण,श्रेणीकरण, मूल्यवर्धन, और पैकेजिंग आदि गांव में ही कर रहे है जिससे गांव में उत्पादक कृषक एवं ग्रामीण महिला बहनों, मजदूर युवाओं को उनके श्रम और उत्पाद का सही और सम्मान जनक मूल्य मिल सके, और साथ ही गांव आत्मनिर्भरता की तरफ अग्रसर हो, गांव में रोजगार के अवसर बढ़े, उत्पादक से उपभोक्ता का सीधा जुड़ाव स्थापित हो गांव आधारित उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, और मूल्यवर्धन के उदाहरणों को स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है जिसे देखकर मैं अभिभूत हूं। ग्राम स्वराज की परिकल्पना वास्तविक रुप से साकार करने की तरफ गरिमा मंच अग्रसर हो रहा है।
गरिमा मंच के द्वारा आज की पीढ़ी को मिलेट व परंपरागत देशी आनाजों के बारे में समझ बनाने एवं उसके पोषक महत्व को समझाने और खेती करने के बारे में जागरुकता की जा रही है। विदेशों में मिलेट ‘सुपरफूड्स’ के नाम से बिकता है और भारत में भी मिलेट को सरकार प्रोत्साहित कर रही है जिसके कारण गांवों में धीरे धीरे उत्सुकता बढ़ रही है पंरतु किसानों के साथ मिलेट की आधुनिक खेती के बारे में जानकारी का प्रचार—प्रसार करने की आवश्यकता है। देशी परंपरागत बीज संरक्षण, संवर्धन व मिलेट जैसे अनाजों की जैविक खेती में क्या दिक्क्तें आती है और सरकार क्या मदद कर सकती है, जैसे जैविक उत्पादों के लिए बाजार व्यवस्था करना विपणन प्रणाली में जैविक उत्पादों की खरीदी विक्री नियमों में संशोधन करना,जैविक प्रमाणीकरण प्रक्रिया नियमों मे स्थिलता लाना आदि समस्या और चुनौतियों से अवगत कराया। साथ ही फसल के लिए समूहिक फैंसिंग करने में सरकारी पहल एवं गांव स्तर पर मूल्यवर्धन जैसे प्रशिक्षणों आयोजित करना जिससे गांव के किसान, महिला, युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होगें आदि आधारभूत सुझाव गरिमा मंच द्वारा दिया गया।
श्री सिद्धार्थ मुथू ने मिलेट बिस्कुट इकाई में बिस्कुट चखे और क्रय भी किए। श्री मुथू ने कहा कि ये बहुत ही बढ़ी उपलब्धि है की आदिवासी महिलाएं गांव में ही पांच से छः प्रकार के मिलेट बिस्कुट बना कर विक्री कर रही है, और उससे भी बड़ी बात है की गरीमा की सहयोगी संगम समिति 17 राज्यों में अपने उत्पादों को उपभोक्ता तक पहुंचा रही है।
गरिमा मंच समन्वय टीम के पदाधिकारी एवं कर्मभूमि कंपनी के महाप्रबंधक श्री सिद्धार्थ मुथू के बीच आगे की कार्योजना को लेकर उच्च स्तरीय बैठक हुई ।