हर घर नल” फाइलों में कैद, 1 करोड़ खर्च फिर भी करगी खुर्द के 314 घर प्यासे,

कोटा/बिलासपुर: “हर घर नल” फाइलों में कैद, 1 करोड़ खर्च फिर भी करगी खुर्द के 314 घर प्यासे
सुशासन तिहार के बीच शिकायत*: कोटा जनपद की ग्राम पंचायत करगी खुर्द के वार्ड क्र. 07, 09, 10, 11 एवं 16 के ग्रामीणों ने “जल जीवन मिशन” में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए CEO जनपद पंचायत कोटा/नोडल अधिकारी को शिकायत सौंपी है। आदर्श आचार संहिता के कारण करगी खुर्द 03 जून के मनपहरी शिविर से मुक्त था, फिर भी ग्रामीणों ने सीधे PHE विभाग को आवेदन दिया। *PHE विभाग द्वारा दिनांक 03/06/2026 को पावती दी गई है।
4 साल, 99.96 लाख खर्च, नतीजा जीरो
ग्रामीणों के अनुसार करगी खुर्द में 30 मार्च 2022 को “रेट्रोफिटिंग जल प्रदाय योजना” शुरू हुई थी। योजना के तहत 60 KL टंकी, 5340 मीटर पाइप लाइन और 314 घरेलू नल कनेक्शन लगने थे। लागत 99.96 लाख रुपये थी।
पर 4 साल बाद भी हालात जस के तस हैं। *एक भी घर में नल से जल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है*। पाइप लाइन जगह-जगह टूटी पड़ी है। टंकी खाली है। ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच-सचिव ने भी कोई ठोस कार्यवाही नहीं की।
ग्रामीणों की 4 प्रमुख मांगें
1. जिला स्तरीय टीम से भौतिक एवं वित्तीय जांच कराई जाए।
2. दोषी निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही हो।
3. 15 दिन में अधूरा काम पूरा कर 314 घरों में नल से जल शुरू कराया जाए।
4. जांच रिपोर्ट की सूचना आवेदकों को दी जाए।
*सबूत के साथ शिकायत*: ग्रामीणों ने आवेदन के साथ योजना बोर्ड की छायाप्रति, टूटी पाइपलाइन की फोटो और वार्डवासियों के संयुक्त हस्ताक्षर सूची सौंपी है।
ग्रामीणों का दर्द “लगभग 1 करोड़ खर्च होने के बाद भी हम पानी को तरस रहे हैं। ये शासकीय राशि का दुरुपयोग और घोर लापरवाही है। सुशासन तिहार के उद्देश्य के अनुरूप हमें त्वरित योजना का लाभ चाहिए।” – रुखमणी/दिनेश मेहर, पंच वार्ड 11
प्रशासन का पक्ष: इस संबंध में PHE उप अभियंता पुष्पेंद्र मिश्रा से संपर्क किया गया। उनका कहना है कि “आवेदन मिला है, 10 दिनों के अंदर अधूरे कार्य पूर्ण करा दिए जाएंगे”।