
केंद्रीय जेल में निरूद्ध बंदी के द्वारा अभिरक्षा काल के दौरान फोन पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने रतनपुर थाना में की शिकायत
रतनपुर थाना क्षेत्र में कुछ दिन पूर्व चार लोग जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच झुमा झटकी हो गई थी जिसमे की पीड़ित के द्वारा पुलिस थाना में इसकी शिकायत दर्ज कराई गई थी जिसमे की पुलिस के द्वारा अलग अलग धाराओ के तहत चार लोगों के खिलाफ धारा 294,323,506,34 का अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया था जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जान से मारने की कोशिश करने पर 307 की धारा जोड़ी गई जिस पर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश की गई जहां पर सभी को जेल भेज दी गई कुछ दिन बीतने के बाद पीड़ित पक्ष निरंजन सिंह छत्रिय को फोन पर अलग अलग नंबरो से धमकाया जा रहा है।पीड़ित ने अपनी शिकायत में कहा है कि आरोपी के द्वारा जान से मार देने की धमकी दी जा रही हैं।इस मामले की शिकायत रतनपुर थाना पुलिस और जेल अधीक्षक से भी की गई है और अपनी जान को खतरा बताया गया है। वही इस मामले में और एक बात सामने आई हैं कि पूर्व में थाना रतनपुर में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक हेमंत सिंह का कहना है कि जो शिकायत करने की बात की जा रही है पूरी तरह से निराधार है जेल अभिरक्षा में बंद आरोपी अरविंद जायसवाल के द्वारा जूठ बोलकर अस्पताल में भर्ती हो गया है। मेरे खिलाफ जो आरोप लगाकर उच्चअधिकारियों से झूठी शिकायत की गई है पूरी तरह से गलत है और पीड़ित को अपने अलग अलग नम्बरो से धमकी देते हुए कहते है कि आपसी तालमेल बनाते हुए समझौता कर लो नही तो मार दूंगा बोला जा रहा है।