करगी खुर्द गौठान में पशुओं की मौत से उठे सवाल, चारा-पानी और देखरेख के अभाव का आरोप

करगी खुर्द गौठान में पशुओं की मौत से उठे सवाल, चारा-पानी और देखरेख के अभाव का आरोप
सूत्रों का दावा—गौठान में 25 से 30 से अधिक पशुओं की मौत, मंगलवार को दो गौमाताओं ने तोड़ा दम; पशु विभाग को सूचना और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पर भी सवाल
कोटा । ग्राम पंचायत करगी खुर्द स्थित गौठान में पशुओं की देखरेख और चारा-पानी की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गौठान में रखे गए पशुओं में से अब तक 25 से 30 से अधिक पशुओं की मौत होने का दावा किया जा रहा है। वहीं, मंगलवार, 28 अक्टूबर 2026 को भी दो गौमाताओं की मौत होने की जानकारी सामने आई है।
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, गौठान में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा-पानी और नियमित देखरेख की व्यवस्था नहीं होने की बात कही जा रही है। यदि यह जानकारी सही है, तो यह पशुओं के रखरखाव और उनकी सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।
पशु विभाग को सूचना देने पर सवाल
इस मामले में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पशुओं की मौत के बाद अब तक पशु चिकित्सा विभाग को सूचना दिए जाने और मृत पशुओं के पोस्टमार्टम की कार्रवाई किए जाने की पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में यह स्पष्ट होना आवश्यक है कि पशुओं की मौत किन परिस्थितियों में हुई और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई या नहीं।
जांच और कार्रवाई की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल गौठान का निरीक्षण कर पशुओं के लिए चारा-पानी की व्यवस्था की जांच करनी चाहिए। साथ ही, मृत पशुओं की संख्या, उनकी मौत के कारणों और जिम्मेदारियों का पता लगाने के लिए नियमानुसार जांच की जानी चाहिए। यदि लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और गौठान में मौजूद पशुओं की सुरक्षा एवं देखरेख सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
नोट: पशुओं की मौत की संख्या, कारणों और विभाग को सूचना दिए जाने संबंधी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी शेष है। संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों और पशु चिकित्सा विभाग का पक्ष मिलने पर खबर को अपडेट किया जायेगा।